मार्केट कैप (बाजार पूंजीकरण) (Market Capitalization) क्या है?
शेयर बाजार के वर्तमान भाव के हिसाब से पूरी कंपनी की कुल बाजार कीमत।
1. सरल परिभाषा (Definition in Plain Hindi)
मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) कंपनी के कुल जारी शेयरों की संख्या को उसके मौजूदा शेयर भाव से गुणा करके निकाला जाता है। सेबी इसके आधार पर कंपनियों को लार्ज कैप (शीर्ष 100), मिड कैप (101 से 250) और स्मॉल कैप (251 से आगे) में वर्गीकृत करता है।
2. व्यावहारिक उदाहरण (Worked Example with Numbers)
यदि कंपनी का शेयर भाव ₹200 है और उसके कुल 5 करोड़ शेयर हैं, तो कुल मार्केट कैप = ₹200 × 5 करोड़ = ₹1,000 करोड़।
निष्कर्ष: यदि शेयर भाव बढ़कर ₹250 हो जाए, तो मार्केट कैप तुरंत ₹1,250 करोड़ हो जाएगा।
3. आम गलतफहमी और उसकी सच्चाई
4. खुदरा निवेशकों के लिए व्यावहारिक सलाह
5. वैधानिक व सेबी (SEBI) नियम संदर्भ
6. यह आपको कहाँ दिखाई देगा? (Real World Interface)
7. सामान्य प्रश्न और उत्तर (Q&A)
1. फ्री-फ्लोट मार्केट कैप क्या होता है?
कंपनी के कुल मार्केट कैप में से प्रमोटरों (संस्थापकों) और सरकार के पास बंद शेयरों को हटाकर, केवल जनता में सक्रिय ट्रेड होने वाले शेयरों के मूल्य को फ्री-फ्लोट मार्केट कैप कहते हैं।
2. सेबी के अनुसार लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप की सीमा क्या है?
मार्केट कैप के अनुसार देश की शीर्ष 1 से 100 कंपनियां लार्ज कैप, 101 से 250 कंपनियां मिड कैप और 251वीं रैंक से नीचे की सभी कंपनियां स्मॉल कैप कहलाती हैं।
8. आगे पढ़ें और गणना करें (संबंधित गाइड व टूल्स)
संबंधित महत्वपूर्ण शब्द (Related Terms)
प्राथमिक संदर्भ स्रोत (Official Sources):
- • Categorization and Rationalization of Mutual Fund Schemes — SEBI Circular (सत्यापित)