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सरकारी लघु बचत योजना
सांविधिक दर सत्यापित · 2026-07-01

PPF Calculator: 15 साल में अनुमानित PPF बैलेंस

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में सरकारी सॉवरेन गारंटी, 100% टैक्स-फ्री रिटर्न (EEE श्रेणी) और 15-वर्षीय मैच्योरिटी कॉर्पस की सटीक व पारदर्शी गणना।

आधिकारिक सांविधिक दर: 7.1% प्रति वर्ष (वार्षिक चक्रवृद्धि)स्रोत: Ministry of Finance, Department of Economic Affairs, Government of India (Small Savings Schemes) (अधिसूचित: 2026-07-01)। पीपीएफ ब्याज दरें भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा प्रत्येक तिमाही में अधिसूचित की जाती हैं।

पीपीएफ निवेश राशि दर्ज करें:

सीमा: ₹500 - ₹1,50,000
₹

न्यूनतम ₹500 तथा वित्तीय वर्ष में अधिकतम ₹150000।

7.1% वार्षिक (कर-मुक्त)
सीमा: 15 वर्ष - 30 वर्ष
वर्ष

पीपीएफ का अनिवार्य लॉक-इन 15 वित्तीय वर्ष है (5-5 साल के ब्लॉक में विस्तार संभव)।

पीपीएफ परिणाम बहीखाता:

कुल जमा राशि (Total Deposit):₹22,50,000
(22.50 लाख)
कुल अर्जित ब्याज (Tax-Free Interest):+₹18,18,209
(18.18 लाख)
कुल परिपक्वता राशि (100% Tax-Free):₹40,68,209कुल: 40.68 लाख
अनुपात45% लाभ
कुल जमा (Deposit):₹22,50,000
कर-मुक्त ब्याज (Interest):₹18,18,209

वर्षवार विवरण तालिका (Year-by-Year Growth Table)

कुल अवधि: 15 वर्ष
निवेश की सालाना वृद्धि, जमा की गई राशि और साल के अंत में कुल कॉर्पस का विवरण।
वर्ष (Year)वर्ष में जमा (₹)वार्षिक ब्याज (₹)कुल निवेश (Cumulative)खाते का कुल बैलेंस (₹)
वर्ष 1₹1,50,000+₹10,650₹1,50,000₹1,60,650
वर्ष 2₹1,50,000+₹22,056₹3,00,000₹3,32,706
वर्ष 3₹1,50,000+₹34,272₹4,50,000₹5,16,978
वर्ष 4₹1,50,000+₹47,355₹6,00,000₹7,14,334
वर्ष 5₹1,50,000+₹61,368₹7,50,000₹9,25,701

पीपीएफ की 5 तारीख का नियम (The 5th of Month Rule)

डाकघर और बैंकों में पीपीएफ खाते का ब्याज मासिक आधार पर कैलकुलेट होता है, परंतु खाते में क्रेडिट वित्तीय वर्ष के अंत में (31 मार्च) होता है। नियम यह है कि ब्याज महीने के 5वें दिन और अंतिम दिन के न्यूनतम बैलेंस पर मिलता है। इसलिए, यदि आप सालाना ₹1.5 लाख जमा करते हैं, तो इसे हर साल 1 अप्रैल से 5 अप्रैल के बीच जमा कर दें। ऐसा करने से आपको पूरे 12 महीनों का पूरा ब्याज मिलेगा। 6 अप्रैल को जमा करने पर अप्रैल महीने का ब्याज शून्य हो जाएगा!

EEE स्टेटस और आयकर लाभ (Tax Benefits)

पीपीएफ भारतीय आयकर कानून के तहत सबसे सुरक्षित टैक्स शेल्टर है:

  • धारा 80C: पुरानी कर व्यवस्था में जमा की गई राशि पर प्रति वर्ष ₹1.5 लाख तक टैक्स कटौती।
  • धारा 10(11): सालाना चक्रवृद्धि ब्याज पर कोई TDS या टैक्स नहीं कटता।
  • मैच्योरिटी: 15 या 20 साल बाद मिलने वाली पूरी राशि (मूलधन + ब्याज) पूरी तरह कर-मुक्त होती है।

आधिकारिक सरकारी अधिसूचना और विधिक स्रोत (Statutory Sources)

पीपीएफ से संबंधित ब्याज दरें और विधिक प्रावधान भारत सरकार के निम्नलिखित आधिकारिक पोर्टल्स द्वारा नियंत्रित होते हैं:

वित्त मंत्रालय (DEA)लघु बचत योजना ब्याज दर अधिसूचना

आर्थिक कार्य विभाग (DEA) द्वारा प्रत्येक तिमाही जारी आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना।

वित्त मंत्रालय आधिकारिक आदेश (dea.gov.in) ↗
डाक विभाग (India Post)पब्लिक प्रोविडेंट फंड योजना नियम 2019

सरकारी बचत संवर्धन अधिनियम के तहत अधिसूचित आधिकारिक नियम पुस्तिका।

डाकघर बचत योजना पोर्टल देखें ↗
आयकर विभागआयकर अधिनियम धारा 10(11) व धारा 80C

पीपीएफ ब्याज और मैच्योरिटी राशि को 100% कर-मुक्त दर्जा प्रदान करने वाला वैधानिक आयकर अधिनियम।

आयकर अधिनियम सांविधिक प्रावधान देखें (incometaxindia.gov.in) ↗

सामान्य प्रश्न और उत्तर (Q&A)

1. पीपीएफ का 5 तारीख का नियम (5th of Month Rule) क्या है?

पीपीएफ नियमों के अनुसार, ब्याज की गणना महीने के 5वें दिन की समाप्ति और महीने के अंतिम दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस पर की जाती है। इसलिए, यदि आप हर महीने या साल में पैसा जमा करते हैं, तो हमेशा महीने की 5 तारीख से पहले जमा करें। यदि आप 6 तारीख को जमा करेंगे, तो उस महीने का पूरा ब्याज शून्य हो जाएगा।

2. पीपीएफ में EEE (Exempt-Exempt-Exempt) स्टेटस का क्या मतलब है?

पीपीएफ भारत सरकार की उन दुर्लभ योजनाओं में से है जिसे EEE दर्जा प्राप्त है। पहला E (निवेश पर धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक छूट), दूसरा E (सालाना मिलने वाला पूरा ब्याज धारा 10(11) के तहत पूरी तरह कर-मुक्त), और तीसरा E (मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम 100% टैक्स-फ्री)।

3. क्या 15 साल बाद पीपीएफ खाते को आगे बढ़ाया जा सकता है?

हाँ, 15 वर्ष की मैच्योरिटी पूरी होने पर आप अपने पीपीएफ खाते को 5-5 वर्षों के ब्लॉक में असीमित समय तक बढ़ा सकते हैं। इसके लिए मैच्योरिटी के 1 वर्ष के भीतर बैंक या डाकघर में फॉर्म 16-H (Extension with Contribution) जमा करना होता है।

4. क्या पीपीएफ खाते में से बीच में आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) संभव है?

हाँ, खाता खोलने के 7वें वित्तीय वर्ष से आप पिछले चौथे वर्ष के अंत के बैलेंस का 50% तक आंशिक रूप से निकाल सकते हैं। इसके अतिरिक्त तीसरे वित्तीय वर्ष से कम ब्याज दर पर लोन लेने की सुविधा भी उपलब्ध है।

5. क्या एक व्यक्ति दो पीपीएफ खाते खोल सकता है?

नहीं, नियमतः एक व्यक्ति अपने नाम पर केवल एक ही पीपीएफ खाता रख सकता है। यदि आप अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर भी खाता खोलते हैं, तो दोनों खातों को मिलाकर एक वित्तीय वर्ष में कुल जमा सीमा ₹1,50,000 ही रहेगी।