स्टॉक स्प्लिट (शेयर विभाजन) (Stock Split) क्या है?
शेयर की फेस वैल्यू को विभाजित कर छोटे टुकड़ों में बांटना ताकि छोटे निवेशकों के लिए शेयर सुलभ हो सके।
1. सरल परिभाषा (Definition in Plain Hindi)
स्टॉक स्प्लिट में कंपनी अपने एक मौजूदा शेयर को एक से अधिक नए शेयरों में विभाजित कर देती है। इससे कंपनी की फेस वैल्यू (Face Value) घट जाती है और कुल शेयरों की संख्या बढ़ जाती है।
2. व्यावहारिक उदाहरण (Worked Example with Numbers)
आपके पास ₹1,000 भाव वाले 100 शेयर थे (फेस वैल्यू ₹10)। स्प्लिट के बाद आपके पास 500 शेयर हो गए और प्रत्येक शेयर का बाजार भाव ₹200 हो गया (फेस वैल्यू ₹2)। कुल मूल्य ₹1,00,000 ही रहा।
निष्कर्ष: कंपनी के आंतरिक मूल्य या लाभ में कोई बदलाव नहीं हुआ, केवल शेयरों की तरलता (Liquidity) बढ़ गई।
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7. सामान्य प्रश्न और उत्तर (Q&A)
1. स्टॉक स्प्लिट और बोनस शेयर में क्या मुख्य अंतर है?
स्टॉक स्प्लिट में शेयर की फेस वैल्यू घटती है (जैसे ₹10 से ₹2), जबकि बोनस शेयर में फेस वैल्यू समान रहती है और कंपनी अपने रिजर्व फंड्स से नए शेयर जारी करती है।
2. क्या स्प्लिट होने से कंपनी का मार्केट कैप बदलता है?
नहीं, शेयरों की संख्या बढ़ती है और भाव उसी अनुपात में घटता है, जिससे कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन बिल्कुल अपरिवर्तित रहता है।
8. आगे पढ़ें और गणना करें (संबंधित गाइड व टूल्स)
संबंधित महत्वपूर्ण शब्द (Related Terms)
प्राथमिक संदर्भ स्रोत (Official Sources):
- • Sub-division of Shares Guidelines — Companies Act / MCA (सत्यापित)